
चंडीगढ़ : (Chandigarh) अंबाला जिले के गांव बिचपड़ी (village of Bichpari in Ambala district) में बीती रात जमीनी विवाद में एक युवक ने अपनी दादी, बड़े भाई व चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने अपनी चाची को भी निशाना बनाया लेकिन वह बच गई। यह पूरा घटनाक्रम खेत की मिट्टी के ठेके से मिले पैसे तथा पिता की रिटायरमेंट से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम परिवार में पैसों को लेकर तीखी बहस हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि अभिषेक ने तैश में आकर फायरिंग शुरू कर दी। उसने सबसे पहले अपनी दादी को गोली मारी, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने बीच-बचाव करने आए बड़े भाई, चाचा और चाची पर भी गोलियां बरसा दीं। भाई और चाचा को सिर के पीछे, जबकि चाची को आंख के नीचे गोली लगी है। फायरिंग के बाद घायलों को शहजादपुर के सरकारी अस्पताल (सीएचसी) ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस के अनुसार रास्ते में ही बड़े भाई संदीप और चाचा महिंद्र पाल ने दम तोड़ दिया। वहीं, चाची सुनीता का इलाज चल रहा है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वृद्ध महिला इसरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही शहजादपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अभिषेक पंचकूला के एक कॉलेज से फार्मेसी सेकंड ईयर की पढ़ाई (Abhishek, is a second-year pharmacy student at a college in Panchkula) कर रहा है। उसके पिता सतबीर सिंह स्वास्थ्य विभाग पंचकूला से 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे, जिसके बाद उन्हें करीब 16 लाख रुपये का फंड मिला था। इसके अलावा परिवार की ढाई एकड़ जमीन से खेत की मिट्टी उठाने का सौदा भी हुआ था। अभिषेक चाहता था कि मिट्टी और रिटायरमेंट का पैसा उसे व उसके पिता को मिले, जबकि बड़ा भाई संदीप इसका विरोध करता था। चाचा महिंद्र हमेशा संदीप का साथ देते थे, जिनकी अपनी कोई संतान नहीं है।


